राम के वियोग में दशरथ ने त्यागे प्राण
देहरादून। श्री राम लीला कला समिति की ओर से हिंदू नेशनल इंटर कालेज में चल रही रामलीला का मंचन किया गया। जिसमें दिखाया गया कि राम के वियोग में महाराजा दशरथ दुखी थे। राम के वियोग में उन्होंने प्राण त्याग दिया। राजा दशरथ के मरने की खबर जैसे ही अयोध्या नगरी में फैलती है। संपूर्ण अयोध्या शोक में डूब गयी। राजा भरत अपनी मां कैकई पर काफी गुस्सा होते है और श्रीराम को जंगल से वापस लाने के लिए अपनी तीनों माता, अपने मंत्री सुमंत के साथ जंगल की ओर निकल पडते है। जंगल में श्रीराम और भरत के बीच संवाद को सुंदर रूप् से दिखाया गया। इस अवसर पर समिति संरक्षक मंडल के अध्यक्ष रविंद्र नाथ मांगलिक, महामंत्री सोमप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष राकेश महेंद्रू, कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद गोयल, हर्ष कुमार, सुधीर जैन, दयाल गुप्ता, शोभित मांगलिक, मनमोहन जायसवाल, धन प्रकाश गोयल, मनोज कुमार, जगमोहन सिंह रावत, सतीष कश्यप, आलोक जैन, मनोज सिंघल, रोशन राणा आदि मौजूद थे।वहीं, महिला कीर्तन मंडली की ओर से टिहरी नगर अजबपुर कला में टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला का मंचन किया जा रहा है। रविवार को सुर्पनखा लीला, खर-दूषण वध, रावण-मारीच संवाद और सीता हरण का कलाकारों ने मंचन किया।
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